पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 20 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: मंगलवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: एकादशी (अर्धरात्रि 02:48 AM, 21 अक्टूबर तक, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ)
  • विशेष: पापांकुशा एकादशी व्रत
  • नक्षत्र: धनिष्ठा (अर्धरात्रि 12:42 AM, 21 अक्टूबर तक, उपरांत शतभिषा नक्षत्र)
  • योग: गण्ड (दोपहर 12:44 PM तक, उपरांत वृद्धि योग)
  • करण: वणिज (दोपहर 03:36 PM तक), विष्टि/भद्रा (अर्धरात्रि 02:48 AM, 21 अक्टूबर तक, उपरांत बव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:26 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:48 PM
  • चन्द्रोदय: दोपहर 04:04 PM
  • चन्द्रास्त: रात्रि 03:45 AM (21 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मकर (दोपहर 12:12 PM तक, उपरांत कुंभ)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:58 PM से 02:43 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:48 PM से 06:13 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 02:30 PM से 04:02 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 02:58 PM से सायं 04:23 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 09:17 AM से 10:42 AM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:07 PM से 01:33 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 19 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: सोमवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: नवमी (प्रातः 06:07 AM तक), इसके बाद दशमी तिथि आरंभ (अर्धरात्रि 04:28 AM, 20 अक्टूबर तक)
  • नक्षत्र: श्रवण (रात्रि 11:15 PM तक, उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र)
  • योग: शूल (दोपहर 01:05 PM तक, उपरांत गण्ड योग)
  • करण: कौलव (प्रातः 06:07 AM तक), तैतिल (सायं 05:16 PM तक, उपरांत गर)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:25 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:49 PM
  • चन्द्रोदय: दोपहर 03:22 PM
  • चन्द्रास्त: अर्धरात्रि 02:35 AM (20 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मकर

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 12:45 PM से 02:18 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 07:51 AM से 09:17 AM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 10:42 AM से दोपहर 12:07 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 01:33 PM से 02:59 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 18 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: रविवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: अष्टमी (प्रातः 07:44 AM तक, इसके बाद नवमी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि आठवां दिन (माँ महागौरी पूजन), महाष्टमी व्रत, संधि पूजा, कन्या पूजन
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (रात्रि 09:48 PM तक, उपरांत श्रवण नक्षत्र)
  • योग: धृति (दोपहर 01:22 PM तक, उपरांत शूल योग)
  • करण: बव (प्रातः 07:44 AM तक), बालव (सायं 07:15 PM तक, उपरांत कौलव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:25 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:50 PM
  • चन्द्रोदय: दोपहर 02:35 PM
  • चन्द्रास्त: अर्धरात्रि 01:28 AM (19 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मकर

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • संधि पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:20 AM से प्रातः 08:08 AM तक (अष्टमी समाप्त व नवमी प्रवेश की संधि वेला)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 PM से 02:44 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:50 PM से 06:15 PM तक
  • अमृत काल: सायं 04:32 PM से 06:05 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): सायं 04:24 PM से 05:50 PM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 12:07 PM से 01:33 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 02:59 PM से सायं 04:24 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 17 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: शनिवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: सप्तमी (प्रातः 09:20 AM तक, इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि सातवां दिन (माँ कालरात्रि पूजन), महा सप्तमी, सरस्वती पूजा
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (रात्रि 08:30 PM तक, उपरांत उत्तराषाढ़ा नक्षत्र)
  • योग: सुकर्मा (दोपहर 01:42 PM तक, उपरांत धृति योग)
  • करण: वणिज (प्रातः 09:20 AM तक), विष्टि/भद्रा (रात्रि 08:35 PM तक, उपरांत बव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:24 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:51 PM
  • चन्द्रोदय: दोपहर 01:42 PM
  • चन्द्रास्त: अर्धरात्रि 12:24 AM (18 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला (तुला संक्रांति)
  • चन्द्र राशि: धनु

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:29 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 PM से 02:45 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:51 PM से 06:16 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 03:45 PM से सायं 05:18 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 09:16 AM से 10:42 AM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 01:34 PM से 02:59 PM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 06:24 AM से 07:50 AM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 16 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: शुक्रवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: षष्ठी (पूर्वाह्न 10:54 AM तक, इसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि छठा दिन (माँ कात्यायनी पूजन), बिल्व निमंत्रण, सरस्वती आवाहन
  • नक्षत्र: मूल (सायं 07:12 PM तक, उपरांत पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र)
  • योग: अतिगण्ड (दोपहर 02:08 PM तक, उपरांत सुकर्मा योग)
  • करण: तैतिल (पूर्वाह्न 10:54 AM तक), गर (रात्रि 10:32 PM तक, उपरांत वणिज)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:23 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:52 PM
  • चन्द्रोदय: दोपहर 12:45 PM
  • चन्द्रास्त: रात्रि 11:21 PM
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चन्द्र राशि: धनु

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:29 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 PM से 02:46 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:52 PM से 06:17 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 01:18 PM से 02:50 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 10:41 AM से दोपहर 12:08 PM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 03:00 PM से सायं 04:26 PM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 07:50 AM से 09:16 AM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 15 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: गुरुवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: पंचमी (दोपहर 12:24 PM तक, इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि पांचवां दिन (माँ स्कंदमाता पूजन), ललिता पंचमी
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा (सायं 05:58 PM तक, उपरांत मूल नक्षत्र)
  • योग: शोभन (दोपहर 02:40 PM तक, उपरांत अतिगण्ड योग)
  • करण: बालव (दोपहर 12:24 PM तक), कौलव (अर्धरात्रि 11:56 PM तक, उपरांत तैतिल)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:23 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:53 PM
  • चन्द्रोदय: पूर्वाह्न 11:46 AM
  • चन्द्रास्त: रात्रि 10:24 PM
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चन्द्र राशि: वृश्चिक (सायं 05:58 PM तक, उपरांत धनु)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:44 AM से दोपहर 12:30 PM तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:01 PM से 02:46 PM तक
  • अमृत काल: प्रातः 07:58 AM से 09:30 AM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 01:34 PM से 03:00 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 06:23 AM से 07:49 AM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 09:15 AM से 10:41 AM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 14 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: बुधवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: चतुर्थी (दोपहर 01:48 PM तक, इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि चौथा दिन (माँ कूष्माण्डा पूजन), विनायक चतुर्थी व्रत, उपांग ललिता व्रत
  • नक्षत्र: अनुराधा (सायं 04:52 PM तक, उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र)
  • योग: सौभाग्य (दोपहर 03:22 PM तक, उपरांत शोभन योग)
  • करण: विष्टि/भद्रा (दोपहर 01:48 PM तक), उपरांत बव (अर्धरात्रि 01:14 AM, 15 अक्टूबर तक, उपरांत बालव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:22 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:54 PM
  • चन्द्रोदय: पूर्वाह्न 10:46 AM
  • चन्द्रास्त: रात्रि 09:30 PM
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चन्द्र राशि: वृश्चिक

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं (बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:01 PM से 02:47 PM तक
  • अमृत काल: प्रातः 08:32 AM से 10:04 AM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 12:08 PM से 01:34 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 07:48 AM से 09:15 AM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 10:42 AM से दोपहर 12:08 PM तक

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धार्मिक ज्ञान एवं पर्व

शारदीय नवरात्रि 2026: घटस्थापना शुभ मुहूर्त, माँ शैलपुत्री पूजा विधि, अखंड ज्योति नियम और प्रिय भोग

11 अक्टूबर 2026 से शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि आरंभ हो चुका है। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक चलने वाले इन पावन नौ दिनों में आदिशक्ति माँ भगवती के नौ दिव्य स्वरूपों (नवदुर्गा) की आराधना की जाती है। नवरात्रि का प्रथम दिन सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) कर माँ दुर्गा का आह्वान किया जाता है और प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना संपन्न होती है।

सनातन धर्म में कलश को साक्षात गणेश जी, त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और समस्त तीर्थों का साक्षात स्वरूप माना गया है:

  • सृष्टि और समृद्धि का प्रतीक: घटस्थापना के समय मिट्टी के पात्र में जौ बोए जाते हैं। मान्यता है कि सृष्टि के आरंभ में सबसे पहले अन्न के रूप में जौ ही उत्पन्न हुआ था। जौ के उगने की गति और रंग से आगामी वर्ष की संपन्नता का अनुमान लगाया जाता है।
  • वरुण देव और त्रिदेवी का वास: कलश के मुख में भगवान विष्णु, कंठ में भगवान शिव और मूल में ब्रह्मा जी का वास होता है, जबकि कलश के मध्य भाग में समस्त मातृकाओं व देवियों का वास माना जाता है।

घटस्थापना की प्रामाणिक एवं सरल विधि

  1. स्थान का चयन एवं वेदी निर्माण: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा घर को गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें। वहां एक पाटे (चौकी) पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  2. जौ बोना: मिट्टी के एक चौड़े पात्र में शुद्ध मिट्टी डालें और उसमें सप्तधान्य अथवा जौ बोएं। हल्का सा जल छिड़कें।
  3. कलश स्थापना: तांबे या मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक का चिह्न बनाएं और मौली (कलावा) बांधें। कलश में शुद्ध जल व गंगाजल भरें। इसमें एक सुपारी, हल्दी की गांठ, सिक्का, अक्षत और दूर्वा डालें।
  4. पल्लव एवं नारियल: कलश के मुख पर 5 या 7 आम अथवा अशोक के पत्ते लगाएं। इसके बाद एक जटा वाले सूखे नारियल पर लाल चुनरी या कलावा लपेटकर उसे कलश के ऊपर पूर्ण श्रद्धा से स्थापित करें।
  5. आह्वान: हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर सभी देवी-देवताओं और वरुण देव का ध्यान करें तथा प्रार्थना करें—“हे समस्त देवी-देवताओं! आप इस कलश में नौ दिनों तक वास करें और हमारे परिवार पर कृपा दृष्टि बनाए रखें।”

प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की उपासना

पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण माता का प्रथम स्वरूप शैलपुत्री कहलाता है। माँ शैलपुत्री वृषभ (बैल) पर सवार हैं, उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित है। माँ शैलपुत्री का पूजन करने से साधक को मूलाधार चक्र जाग्रत करने की शक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता, आरोग्य व दृढ़ संकल्प की प्राप्ति होती है।

  • माँ शैलपुत्री का ध्यान मंत्र:वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
  • सरल बीज मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः॥
  • माँ का प्रिय भोग: माँ शैलपुत्री को गाय का शुद्ध देसी घी अथवा घी से निर्मित सफेद मिष्ठान्न (मिश्री, खीर, मावे का पेड़ा) अत्यंत प्रिय है। इससे जातक को गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है।
  • शुभ रंग: प्रथम दिन पीला (Yellow) अथवा श्वेत वस्त्र पहनकर पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।

अखंड ज्योति प्रज्वलित करने के 3 अनिवार्य नियम

यदि आप नवरात्रि में अखंड ज्योति स्थापित कर रहे हैं, तो इन नियमों का पालन अवश्य करें:

  1. दिशा का ध्यान: अखंड ज्योति को कलश के पास पूर्व अथवा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रखें। यदि ज्योति घी की है तो देवी के दाईं ओर और यदि तिल के तेल की है तो बाईं ओर रखें।
  2. सदा प्रज्वलित रखें: ज्योति को कभी अकेला न छोड़ें। हवा से बचाने के लिए कांच की चिमनी या रक्षा आवरण लगाएं। बत्ती को बदलते या ठीक करते समय एक छोटा दीपक अलग से जलाकर रखें ताकि मूल ज्योति बुझने न पाए।
  3. सात्विकता और शुद्धि: जिस घर में अखंड ज्योति जलती है, वहां नौ दिनों तक घर को ताला लगाकर खाली नहीं छोड़ना चाहिए और पूर्ण ब्रह्मचर्य व सात्विकता का पालन करना अनिवार्य है।

शारदीय नवरात्रि 2026: घटस्थापना शुभ मुहूर्त, माँ शैलपुत्री पूजा विधि, अखंड ज्योति नियम और प्रिय भोग Read Post »

पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 13 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: मंगलवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: तृतीया (दोपहर 03:12 PM तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि तीसरा दिन (माँ चंद्रघंटा पूजन), सिन्दूर तृतीया
  • नक्षत्र: विशाखा (दोपहर 03:48 PM तक, उपरांत अनुराधा नक्षत्र)
  • योग: आयुष्मान (सायं 04:12 PM तक, उपरांत सौभाग्य योग)
  • करण: गर (दोपहर 03:12 PM तक), वणिज (अर्धरात्रि 02:28 AM, 14 अक्टूबर तक, उपरांत विष्टि/भद्रा)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:21 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:55 PM
  • चन्द्रोदय: प्रातः 09:47 AM
  • चन्द्रास्त: रात्रि 08:42 PM
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चन्द्र राशि: तुला (प्रातः 09:40 AM तक, उपरांत वृश्चिक)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:44 AM से दोपहर 12:30 PM तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:02 PM से 02:47 PM तक
  • अमृत काल: पूर्वाह्न 11:15 AM से दोपहर 12:48 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 03:01 PM से सायं 04:28 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 09:15 AM से 10:42 AM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:08 PM से 01:35 PM तक

पंचांग: 13 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली) Read Post »

पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 12 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: सोमवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • माह: आश्विन
  • तिथि: द्वितीया (सायं 04:32 PM तक, इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ)
  • विशेष: शारदीय नवरात्रि द्वितीय दिवस (माँ ब्रह्मचारिणी पूजन), सोमवार व्रत
  • नक्षत्र: स्वाति (दोपहर 02:50 PM तक, उपरांत विशाखा नक्षत्र)
  • योग: प्रीति (सायं 05:08 PM तक, उपरांत आयुष्मान योग)
  • करण: कौलव (सायं 04:32 PM तक), उपरांत तैतिल (अर्धरात्रि 03:52 AM, 13 अक्टूबर तक, उपरांत गर)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:21 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:56 PM
  • चन्द्रोदय: प्रातः 08:48 AM
  • चन्द्रास्त: सायं 07:58 PM
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चन्द्र राशि: तुला

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:44 AM से दोपहर 12:30 PM तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:02 PM से 02:48 PM तक
  • अमृत काल: प्रातः 06:18 AM से 07:52 AM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 07:48 AM से 09:15 AM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 10:42 AM से दोपहर 12:09 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 01:36 PM से 03:03 PM तक

पंचांग: 12 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली) Read Post »

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